
पीलीभीत में गौहनिया रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि चार दिन तक आईसीयू में भर्ती रखने के नाम पर मरीज को देखने तक नहीं दिया। मंगलवार को रेफर करने के लिए मरीज को बाहर निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल और चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की। माधोटांडा मार्ग पर गौहनिया रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अस्पताल है। पूरनपुर क्षेत्र के चांट फिरोजपुर निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि चार दिन पूर्व उसके छोटे भाई विष्णु (35) पुत्र प्रेमराज सिरसा चौराहे के पास सड़क हादसे में घायल हो गए थे। भाई को पूरनपुर सीएचसी के बाद शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। राजेंद्र ने बताया कि चिकित्सक को भर्ती करने के लिए 30 हजार रुपये दिए। कुछ घंटे बाद ऑपरेशन के नाम पर एक लाख रुपये और लिए गए। चार दिन में करीब तीन लाख रुपये जमा करा लिए। इस बीच परिजनों को एक बार भी मरीज को देखने नहीं दिया गया। आईसीयू गेट के पास जाने पर हटा दिया गया।मंगलवार शाम चिकित्सक ने बरेली रेफर करने की बात कहकर मरीज को बाहर निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि मृतक के शरीर को देखने पर उसकी मौत करीब तीन दिन पूर्व होने की बात सामने आ रही है। परिजनों ने शव का इलाज करने के नाम पर रुपये वसूलने का आरोप लगाकर हंगामा किया।







